इस शहर में स्थित आर्य समाज का मंदिर एक ऐतिहासिक स्थल है। यहाँ वर्ष १८७५ में दयानंद सरस्वती के चेला आचार्य शिवदयाल वर्मा द्वारा शुरुआत की गई थी। मंदिर आर्य समाज के के विचारों को सिखाने करने में भूमिका निभाता रखता है । यहाँ का मंदिर विभिन्न धार्मिक और गतिविधियों का केंद्र है और शहर के लोग के लिए एक प